हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन)
प्रकाशन से पहले चिकित्सकीय समीक्षा बाकी
अपडेट 18 अक्टूबर 2026हाई ब्लड प्रेशर का मतलब है कि धमनियों की दीवारों पर ख़ून का दबाव लगातार ज़्यादा रहता है। इसके आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते, इसलिए नापना ही जानने का एकमात्र तरीक़ा है। इलाज न हो तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी रोग का जोखिम बढ़ता है, पर जीवनशैली में बदलाव और ज़रूरत पड़ने पर दवाओं से इसे अच्छी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
इमरजेंसी के संकेत
- सीने में दर्द, तेज़ सिरदर्द, भ्रम, कमज़ोरी या नज़र में बदलाव के साथ बहुत हाई BP में इमरजेंसी देखभाल चाहिए।
लक्षण
- अक्सर कोई लक्षण नहीं
- बहुत ज़्यादा होने पर कभी-कभी सिरदर्द, चक्कर या नाक से ख़ून
कारण और जोखिम
- उम्र और पारिवारिक इतिहास
- ज़्यादा नमक, कम गतिविधि, ज़्यादा वज़न
- शराब, तंबाकू और तनाव
- कुछ लोगों में किडनी या हार्मोन की समस्याएँ
डॉक्टर को कब दिखाएँ
- घर पर रीडिंग अक्सर 140/90 या ज़्यादा आए
- आपकी उम्र 30 से ज़्यादा है और कभी BP नहीं नपवाया
निदान और इलाज
डॉक्टर बार-बार रीडिंग लेकर निदान की पुष्टि करेंगे, कारणों और अंगों पर असर की जाँच करेंगे और आपके साथ एक लक्ष्य तय करेंगे। इलाज में कम नमक, नियमित गतिविधि, वज़न नियंत्रण और ज़रूरत हो तो रोज़ ली जाने वाली एक या ज़्यादा दवाएँ शामिल होती हैं।
बचाव
- दिन में 5 ग्राम से कम नमक
- ज़्यादा सब्ज़ियाँ और फल
- नियमित व्यायाम और अच्छी नींद
- तंबाकू से बचें; शराब सीमित करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रीडिंग नॉर्मल होने पर क्या BP की दवा बंद कर सकते हैं?
नॉर्मल रीडिंग का आमतौर पर मतलब है कि दवा काम कर रही है। डॉक्टर से बात किए बिना इसे कभी बंद या बदलें नहीं।
स्रोत
इस वेबसाइट की जानकारी सामान्य है और डॉक्टर से परामर्श का विकल्प नहीं है। इमरजेंसी में 108 या हमारी इमरजेंसी लाइन पर कॉल करें।